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टीना-आमिर का प्रेम विवाह - आपको दिक़्क़त क्या है?

प्यार के बीच एक धर्म की दीवार भी होती है। यह शायद आपको सुनने में कुछ अटपटा लगे मगर आजकल फ़ेस्बुक पर चल रहे टीना डाबी व अथर आमिर के बीच की शादी की ख़बर को लेकर जिस तरह से सवर्ण समाज तिलमिलाया हुआ है वैसे दलित v व मुस्लिम समाज के लोगों में भी कई तरह के बातों में भटकाव देखे जा रहा है।

(Photo- India Today)
निजी तौर पर मेरा अभी कुछ कहना मुनासिब नहीं होगा क्योंकि, आजकल के हालत के हिसाब से, लोगों द्वारा सोशल मीडिया के ग़लत दिशा में प्रयोग की वजह से भी थोड़ा सतर्क तौर पर चलना और इसी तर्ज़ पर  फ़ेस्बुक पर पोस्ट हुए एक फ़ोटो के साथ लिखे गए वाक्य को मैं इतना महत्व नहीं दे पाउँगा। वैसे कई बड़े अख़बारों - हिंदुस्तान टाइम्ज़, हफ़्फ़िगंपोस्ट, एकनामिक टाइम्ज़, टाइम्ज़ औफ़ इंडिया, इंडिया टुडे आदियों ने इन दोनो के प्रेम विवाह के संबंध को लेकर ख़बरें प्रकाशित की है। यह सभी नामी गिरामी अख़बार दोनो के प्रेम सम्बंध के विवाह को लेकर बहुत कुछ लिख चुके है। आप ख़ुद एक बार ख़ुद गूगल पर जाकर नज़र डाल कर पढ़ सकते है।

9 november 2016 को जब टीना डाबी ने अथर आमिर के साथ एक फ़ोटो फ़ेस्बुक पर पोस्ट यह लिख कर किया "in relationship with Athar Aamir" तब से कई तरह की प्रतिक्रिया फ़ेस्बुक तथा whatsapp पर देखने को मिल रही है। आम भाषा में कहूँ तो दोनो ही समुदाए को लोग इस ख़बर को लेकर बहुत ख़ुश है और इसे दोनों समुदाए आपस में साझा भी कर रहे है। मगर कुछ लोग है जो इन दोनो समुदाए से आते हुए भी इन दोनो की प्रेम विवाह की ख़बर से हताश, दुखी है। इस हताश अथवा दुखी भाव के कुछ माएने हो सकते है जैसे- समाज की समझ, समाज के मुद्दों की सही समझ, समाज के हितकारी समूह की समझ और समाज को घृणा की नज़र से देखने वाले लोगों के ऊपर समझ। एक समूह ऐसा भी है जहाँ कई सारे समुदाए इन दोनो समुदाए के सम्बंध से नाराज़गी दर्शा रहे है। उनकी नाराज़गी के कुछ कारण देखने को मिले भी है।
जैसे पहला - टीना IAS टॉपर (मगर इस समूह को यह टॉपर सिर्फ़ आरक्षण की वजह से ही नज़र आती है)
और दूसरा- दलित व मुस्लिम समुदाय एक मज़बूत जोड़ के साथ उभर कर आ रहा है।

पहले तो आप सभी यह जान लीजिए की टीना डाबी, का यह निजी फ़ैसला है और आमिर का भी । तो भला आप और मैं किस खेत की मूली है। और अगर आप इस फ़ैसले से संतुष्ट नहीं तो इसमें टीना डाबी व आमिर की शादी में कोई फ़र्क़ नहीं पड़ेगा और अगर पड़ेगा तो वो आपके सोच पर ही पड़ेगा जो बिना की परिणाम के व्यर्थ हो जाएगा।

टीना डाबी जिस समुदाए से आती है उस समुदाए के कुछ लोगों का यह कहना है की टीना डाबी अपने मुद्दे से भटक चूकीं है और वह अपने ही समाज को गुमराह कर रही है। कुछ साहिबानो का तो यह तक कहना था की, टीना समाज के साथ धोखा कर रही है दूसरे समुदाए अथवा धर्म में विवाह करके है, कुछ लोगों का यह भी मानना है की टीना डाबी को अपने समाज में ही शादी करनी चाहिए थी- क्या उनके अपने समाज में होनहार लड़के नहीं मिले जो जो अलग धर्म में व अलग बिरादरी में शादी करने की सोच रहीं है?... वग़ैरह वग़ैरह  आदि। भला इन सभी लोगों से पूछा जाए की इनकी निजी ज़िंदगी के फ़ैसले लेने का हक़ आपको किसने दिया? और यह भी पूछा जाए क्या बाबा साहेब किसी किताब में अलग धर्म व जाती में शादी ना करने की सलाह दी है ?

ख़ैर, इस पर चर्चा करने के साथ साथ हम दूसरे नज़रिए पर भी एक बार ग़ौर से देखना चाहिए। whatsapp पर हाल ही में बहुत आपतिजनक संदेश पढ़ने व देखने को मिल रहे है, जिसमें लिखित रुक से हिंदू, हिंदुत्वा, और इससे जुड़े समूह इस सम्बंध (टीना आमिर की शादी ) को एक अलग पहलू देने की कोशिश कर रहे है। हिंदू, हिंदुत्वा और इस प्रकार की सभी समूह जातिवादी, कट्टर रुद्दीवादी परंपराओं से ग्रस्त होती है, अगर आप ध्यान से इनके समूह के लोगों के नाम पढ़ेंगे तो आपको ज़्यादातर सवर्ण जाति के लोग ही देखने को मिलेंगे। यह बहुत मुख्य नज़रिया है इस प्रकार के समूह को और इनकी गतिविधियों को समझने का। भाजपा, RSS, कोंग्रेस इन तीनो राजनीतिक पार्टियों के घोर कट्टर नेताओं ने अपनी बेटियों को मुस्लिम लड़कों के साथ शादी करवाई है। आप आधिक जानकारी के लिए भाजपा अशोक सिंघल, लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, सुब्रमनियम स्वामी, आदि। नाम गूगल पर सर्च कर सकते है।

....मेरा यहाँ पर इन दोनो के सम्बंध को लेकर प्रकाशित ख़बर के ऊपर लिखने का तात्पर्य सिर्फ़ कुछ बातें आप सभी से साझा करना है। आप इसे मेरे निजी सुझाव व समझ भी समझ सकते है और एक सिरे से दरकिनार  भी कर सकते है किसी भी पहलू का यहाँ पर बुरा नहीं माना जाएगा।

राहुल विमल 

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