पूंजीवादी सोच काफी खतरनाक, हानिकारक एवं बेफिक्र किस्म की होती है जिसमे पैसा इंसान की जरुरत न होकर उसकी मज़बूरी में तब्दील हो जाता है. और मजबूरी सिर्फ पूंजीवादी सोच ही पैदा करती है | आजकल टीवी पर आये दिन नए नए प्रोग्राम टेलीकास्ट किये जा रहे है जिसमे ज्यदातर संख्या में भागीदारी बच्चो की ही दिखाई पड़ती है| इनमे से कुछ बच्चे इस प्रोग्रामो के माध्यम से बहुत अच्छे और जाने-माने स्टार बन जाते है, तो कुछ इस स्टार किड्स की लाइन से कोसो दूर दिखाई देते है| मैं हमेशा सोचा करता था कि आजकल का समय समाज में बहुत तेजी से बदलाव पैदा कर रहा है | खास तौर पर भारत में तो हद से ज्यादा और इसी सोच के चलते मैं यह टैलेंट शो बहुत चाव से देखा करता था | और खुश भी हुआ करता था की चलो हम तो अपने बचपन के समय में इतनी नहीं मगर कुछ विशेषताओ के साथ भी बहुचर्चित नहीं हो सके मगर यह तो हो रहे है | मेरे पापा अक्सर कहा करते थे कि "इस टैलेंट हंट शो की वजह से इन बच्चो का भविष्य ज्यादा अच्छा नहीं रहेगा, क्योंकि बचपन भी इस शो की वजह से गायब हो रहा है, छिन रहा है| जिनके पास पैसा आ गया वह तो बहुत खुश और जिनके पास अस...
नज़रिया आपके बीच रहने वाले एक व्यक्ति का