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Showing posts from September 25, 2017

सामाजिक बदलाव की कहानी “नाला काजी पाड़ा से टर्की तक” - सुनील विमल

आज मैं आपके साथ एक बदलाव की कहानी साझा करना चाहता हूँ। यह कहानी Jay Prakash की है। एक ऐसा बदलाव का सफ़र जो “नाला काजी पाड़ा, आगरा से टर्की तक” बयान होता है। इस सफ़र की शुरुआत उत्तरप्रदेश के शहर आगरा के छोटे से इलाक़े ‘नाला काजी पाड़ा’ से शुरू होती है । 8/10 फ़ीट के घर में रहकर वह उन ऊँचाइयों को छूता है जिसकी कल्पना शायद किसी ने कभी की ही नहीं थी। जय के बदलाव का सफ़र इंटरस्कूल से शुरू होता जब वह पढ़ाई को समाज में सही तौर पर इस्तेमाल करने के लिए पढ़ने कि ठानता है नाकी अच्छे अंकों के लिये। शुरू से ही उसका नाम होनहार विद्यार्थियों की तालिका में अवल दर्जे पर दर्ज होता रहा है। उसकी सोच रही है कि पढ़ाई ज्यादा अंक लाने के लिये नहीं बल्कि, जो भी पढ़ा है उससे जीवन कैसे कामयाब बनाया जाए।उसका सपना था की उसे स्कूल के बोर्ड पर नाम लिखवाना है जहाँ से उसके नाम चाहकर भी कोई मिटा न सकें। जिसे उसने हासिल भी किया, जिसकी मुझें बहुत खुशी है। घर के बाहर नाले की एक तस्वीर यह बात सन 2011 की है जब उसका नाम दो इंजीनियरिंग कॉलेज की चयनित हुआ था। वह दिल्ली इंजीनिरिंग कॉलेज (DCE) के जगह गौतम बुद्धा विश्वविध...